1) किसी कार्य के समाधान के लिए प्रोग्राम कई प्रकार से तैयार किया जा सकता है। 
2) प्रोग्राम में निर्देश उसी क्रम में लिखे जाते हैं , जिस क्रम से वह कार्य संपन्न होता है। 
3) प्रोग्राम तैयार करने हेतु विभिन्न निर्देशों के लिए विशेष शब्दों का प्रयोग किया जाता है। ये विशेष शब्द कमाण्ड (Command) कहलाते हैं। 
4) प्रोग्राम , कम्प्यूटर की समझ में आने वाली भाषाओ (Programming Language) अर्थात उन सॉफ्टवेयर्स , जिसमें कि प्रोग्रामिंग करने की सुविधा उपलब्ध है , में लिखा जाता है। 
5) प्रोग्राम सरल समझने योग्य होना चाहिए। 
6)प्रोग्राम में तार्कक रूप से निर्देशों का समुचित प्रयोग करना चाहिए। 
7) प्रोग्राम में इधर-उधर की फालतू कोडिंग नहीं होनी चाहिए।