" कम्प्यूटर हमारी सामान्य भाषा को नहीं समझता है इसलिए कम्प्यूटर से बात करने के लिए एेसी भाषा का प्रयोग किया जाता है जो उसकी समझ में आती है। ऐसी भाषा को मशीनी भाषा कहते हैं " , अर्थात् कम्प्यूटर केवल मशीनी भाषा (Machine Language) समझता है। विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं में निर्देशों को Assembler , Compiler अथवा Interpreter की सहायता से मशीनी भाषा में परिवर्तित करके कम्प्यूटर के माइक्रोप्रोसेसर में भेजा जाता है , तभी कम्प्यूटर इन निर्देशों का पालन करके उपयुक्त परिणाम प्रस्तुत करता है। 

मशीनी भाषा मात्र बाइनरी अंकों अर्थात् 0 से 1 के समूह से बनी होती है जिसे कम्प्यूटर का माइक्रोप्रोसेसर सीधे समझ सकता है। जब हम कम्प्यूटर को कोई भी निर्देश किसी इनपुट माध्यम से देते है तो कम्प्यूटर स्वतः इन निर्देशों को एस्काई कोड में परिवर्तित कर समझता है। निर्देश देने के लिए हमें सामान्यतः अक्षरों , संख्याओं एंव संकेतों की 'की' को की-बोर्ड पर दबाना होता है और कम्प्यूटर स्वतः ही इसे अपनी भाषा में परिवर्तित कर लेता है।