2) " किसी कार्य को कम्प्यूटर द्वारा कराने अथवा करने के लिए कम्प्यूटर को समझ में आने वाली भाषा में निश्चित क्रम में दिये गए निर्देशों के समूह को प्रोग्राम कहते हैा। "
कोई भी प्रोग्राम अपने उद्देश्य को पूरा करता हुआ ,विश्वसनीय,दक्ष तथा प्रयोग करने में सुगम व सरल होना चाहिए।
प्रोग्राम में वांछित परिणाम को प्राप्त करने की प्रक्रिया एवं निर्देश पूर्णरूप से सत्य एवं दोषरहित होने चाहिए , इसका मतलब यदि किसी Input से परिणाम गलत प्राप्त होता है तो प्रोग्राम पर कार्य करने वाला उपभोक्ता निश्चय ही यह जान ले कि उससे डाटा इनपुट करने में ही कोई गलती हुई है क्योंकि सही इनपुट से सही परिणम अवश्य होता।
प्रोग्राम के विश्वसनीय होने का अर्थ कि प्रयोगकर्ता द्वारा प्रोग्राम पर कार्य करते समय होने वाली त्रूटि से सम्बंधित स्पष्ट त्रूटि संदेश (error message) प्राप्त होना चाहिए ताकि वह उस त्रूटि को ठीक करके अपना कार्य सुचारू रूप से कर सके। प्रोग्राम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डाटा के प्रबन्धन में सक्षम होना चाहिए। प्रोग्राम में दिये गए निर्दश इस प्रकार व्यवस्थित होने चाहिए कि प्रयोग करता को इस पर कार्य करने में समस्याओं का सामना न करना पड़े। प्रोग्राम को प्रयोग करने के लिए हमें समस्त सम्भावित समस्याओं को हल करके कार्य को आगे बढ़ाने के लिए सहायता प्रयोगकर्ता को प्रोग्राम में ही उपलब्ध होनी चाहिए। प्रयोगकर्ता को प्रोग्राम पर कार्य करते समय विभिन्न परिवर्तनांकों के लिए स्पष्ट सूचनाएँ प्राप्त होनी चाहिए अर्थात यदि प्रोग्राम में किसी स्थान पर Name इनपुट करना तो प्रोग्राम में उसका परिवर्तंनाक Name अथवा इससे मिलता -जुलता होना चाहिए ताकि उपयोगकर्ता यह समझ सके कि उसे यहाँ Name ही इनपुट करना है।
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